शासनादेश में कोई तय “प्रोजेक्ट लिस्ट” नहीं दी गई है, पर पंजीकरण फॉर्म में सेक्टर चुनने के बाद “उद्योग / गतिविधि” सूची से ही चुननी होती है। शासनादेश उद्योग (विनिर्माण) और सेवा क्षेत्र की परियोजनाओं पर ₹5 लाख तक के ऋण पर अनुदान देता है और कुछ कामों को नकारात्मक सूची में रखता है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट और बिज़नेस आइडिया के लिए विभाग का CM-YUVA पोर्टल cmyuva.org.in मदद देता है।
cmyuvaudyamiyojana.com एक स्वतंत्र गाइड है। हम प्रोजेक्ट रिपोर्ट नहीं बनाते और कोई शुल्क नहीं लेते।

कौन से काम पात्र हैं
- उद्योग: शासनादेश में उद्योग का मतलब विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector) है। विनिर्माण में लगी सभी इकाइयां उद्योग श्रेणी में आएंगी।
- सेवा क्षेत्र: ऐसी इकाइयां जो व्यापार (किसी सामान को खरीदकर उसी रूप में बेचना) और विनिर्माण से अलग हों और किसी तरह की सेवा से जुड़ी हों।
- दोनों की परिभाषा MSMED अधिनियम, 2006 के अनुसार है।
पंजीकरण फॉर्म में पहले “सेक्टर” और फिर “उद्योग / गतिविधि” चुनना होता है। काउंसलिंग पोर्टल पर काम चार श्रेणियों में बंटे हैं: मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, फ्रेंचाइज़ी और बिज़नेस ऑन व्हील्स।
नकारात्मक सूची: इन पर लोन नहीं
- तम्बाकू उत्पाद, गुटखा, पान मसाला आदि
- अल्कोहल, वातयुक्त पेय पदार्थ, कार्बोनेटेड उत्पाद आदि
- पटाखों का विनिर्माण
- 40 माइक्रॉन से कम के प्लास्टिक कैरीबैग, या भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंधित श्रेणी के प्लास्टिक बैग
- समय-समय पर प्रतिबंधित श्रेणी सूची में रखे गए अन्य उत्पाद
लागत की सीमा ध्यान में रखें
- अनुदान ₹5 लाख तक की परियोजना पर है। ₹5 से ₹10 लाख की परियोजना में ऊपर की रकम आपको खुद जुटानी होगी।
- भूमि-भवन की खरीद परियोजना लागत में शामिल नहीं होगी।
- कुल लागत का कम से कम 10% टर्म लोन होना चाहिए।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट कहां बनती है
विभाग के योजना पेज पर “प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने हेतु” लिंक cmyuva.org.in पर जाता है। उस पोर्टल पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बैंक के लिए परियोजना रिपोर्ट (bankable report), बिज़नेस आइडिया, सप्लायर कनेक्ट, फ्रेंचाइज़ी, वर्कशॉप और उद्यम पंजीकरण व GST पंजीकरण में सहायता जैसी सेवाएं दी गई हैं। काउंसलिंग पोर्टल पर भी “To Get Free Project Report” लिंक है।

CM-YUVA पोर्टल की दस्तावेज़ सूची में “विक्रेता कोटेशन” भी शामिल है; काउंसलिंग पोर्टल पर MSME सप्लायर से कोटेशन लेने का लिंक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या किराना या कपड़े की दुकान के लिए लोन मिलेगा? शासनादेश के अनुसार सामान खरीदकर उसी रूप में बेचना (ट्रेडिंग) सेवा क्षेत्र में नहीं आता। पात्रता पर DIC से पुष्टि करें।
क्या प्रोजेक्ट रिपोर्ट के पैसे लगते हैं? काउंसलिंग पोर्टल पर मुफ्त प्रोजेक्ट रिपोर्ट का विकल्प दिया गया है।